A Emotional Story In Hindi - Arrange Marriage सुसंगत विवाह |

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दफ्तर में जेसे ही पहुची तो दूर से boss आ रहे थे मेने Good Morning कहा वो मुस्करा रहे थे कुछ ज्यादा ही जेसे बिली दूध चट करने के बाद बाद अपनी मूछे हिला रही हो ऐसा क्या राज था लेकिन अपने केबिन में पहुची तो देखा की मेज पर एक लिफाफा रखा है और फूलो का गुलदस्ता,चोकलेट का डिब्बा और मेरा fevret चोकलेट केक लिफाफा खोला तो यकीन ही नही हुआ मेरा Prmosan हो गया था और सेलरी भी बढ़ा दी गई थी 25 परसेंट में अकेले में सोच रही थी कोई देख नही रहा है College के दिनों का खुसी का छोटा सा dance किया तो पीछे से boss की हस्सी सुनाई दी खड़े-खड़े मुझे देख रहे थे boss बोले बधाई हो तुम ये सब Dijarv करती हो आज जल्दी घर चले जाना और Party करना सारी रात Boyfriends के साथ में घर की तरफ Drive करते-करते हल्के से खुद को Dont करते हुए मुस्करा रही थी Boyfriends बड़े शहरो में केरियर की उच्ची-नीची लहरों पर तैरते लडके-लडकियों की किस्मत में Boyfriends कहा होते है किसके साथ बाटे अपनी खुसी, अपना शहर छोड़ने के बाद यहा आई नोकरी के दस साल में अपनी ही धुन में लगी रही कुछ करके दिखाना था जल्दी-जल्दी तरकी हुई Pyaar,Boyfriends इन सब के लिए Time ही कहा था बीस की उम्र कब गुजर गई और तीस की उम्र ने कब दस्तक दे दी पता ही नही चला जिन्स और बिजन्स सूट के साथ-साथ सोक्स और साड़ी पहनना शुरु कर दिया पता ही नही चला घर पहुची तो मेरी मेट सुनीता जो की अब मेरी सहेली बन चुकी है प्लेट और चाकु रख के सामने बेठ गई मेने केक निकाला और काटा सुनीता ने ताली बजा के पता नही क्यों गाना शुरु कर दिया Happy Birthday To You-2 मेने फेसला किया की prmosan की खुद ही दावत दुगी और चाइनीज order किया और t.v देखते हुए देर तक अकेली खाती रही सुनीता मेरा sadyul जानती थी रात को 9 बजे दरवाजा खटखटाके अंदर आई और बोली दीदी Computer खोल लू क्या मेने कहा हा saadi की website देखने का वक्त आ गया था ये saadi की website की दुनिया भी कितनी निराली होती है जेसे आप दूल्हो के super maarkit में हो और हर एक सेल्फ पर एक-एक दूल्हा सजा हो हरेक का नाम,गुण,अच्छाही,शोक सामने छपी हो परखिये अछा लगे तो Shopping की टोकरी में डाल लीजिए और नही अछा लगे तो आगे बढ़ जाइए ये भी मेरी तरह तो है Succesfull,Amision लेकिन अकेले चहेरो की इस भीड़ में ना जाने कब इतने अकेला हो गए हम सब 30,35 साल की हर सहेली pyaar की तलास में थी saadi करना चाहती है लेकिन कोई मन का नही मिलता चार साल पहले लम्बी विश लेके चली थी की केसे लडके से saadi करेगे आज मुझे लगता है की कोई भी ठीक-ठाक लड़का मुझे मंजूर है बड़े शहेरो का अकेला पन बड़े शहर के लोगो से कितनी जल्दी मोल भाव करता है आपको अपने मन की कहा करने देता है मेने एक बार फिर saadi की वेबसाइट पर लड़के Shortlist करने शुरु कर दिए

आज वक़्त थोड़ा कम था जल्दी सोना था सुबह शहर से Memi,papa आने वाले थे Notebook निकालने के लिए नीचे का डोर खोला तो एक पुरानी चिठियों की File हाथ में आ गई। कागज पलटने लगी सामने एक कागज खोला जो College के दिनों में फाड़ के फैकने वाली थी पर कुछ सोच के यहां रख दिया था मेरे प्यारे dost Sandeep ने भेजा था जो मेरा सबसे अच्छा dost होता था velatinday पर अचानक खत लिख दिया था Pyaar जाहिर किया था मैंने उसे इस तरह से कभी देखा ही नही था और अचानक 100 गुलाब के फूलों का गुलदस्ता मेरे घर भेज दिया था मेने गुस्से से Sandeep से सारे  रिस्ते तोड़ लिए थे। कितने आशिको की भीड़ लगी रहती थी उन दिनों College में। तब सोचते थे की आशिक तो आते जाते रहते है जब मन चाहेगा मिल जाएगा। अभी पढ़ाई कर लेते है पर तलाब सुख गया। में चहरे देख रही थी Computer पर खुद की ऐसे चहरो के बाजार में नुमाइश करना आसान काम नही होता है अपना अहम अपना ईगो छोड़कर एक लम्बी लाइन में खड़ा हो जाना पड़ता है। Internet के महा स्वयंवर में हजारों लोगों के साथ धका-मुकी करते हुए इन्तजार करना पड़ता है। की हाँ मैं मानता हूं कि मै अकेला हूँ। पर बहुत कोशिस की पर कोई साथी नही मिला मुझे अपना साथी चुन लीजिए। मैंने चॉकलेट का एक टुकड़ा मुँह में रखा अचानक उसकी मिठास भी कड़वी लगने लगी। मैं कब इतनी अकेली हो गई। क्या सचा pyaar नही होता दुनिया में क्या में हमेशा ही ऐसे अकेली रहूँगी। उस रात देर तक जागती रही मै Memi, Papa की Flight एक घण्टा लेट थी। Airport पर बैठी Crossword खेल रही थी तभी Phone बजा मेरा कैमेस्ट्री Teacher का था Rakesh sir बोले बेटा आ रही हो ना Saturday को College Union है सब लोग दोबारा मिलेंगे। और बताओ Family केसी है Husband बगैर, मैने कहा sir मेरे Parents की flight आ गई है मैं आपसे बाद में बात करती हूँ। मैने ok कहकर phone काट दिया। Papa, Mami बहुत सारी चीजें लाए थे शहर से पापड़,मिर्च, नीम्बू और पता नही कोन-कोन से आचार। स्याम तक खाना,पीना,नोकरी और पड़ोस की गप-सप के बारे में सारी बाते हो चुकी थी। एक वही बात नही हुए थी जो मेरे और papa के दिमाक में जिददी तितली की तरह घूम रही थी मेरी शादी की बात आखिरकार papa ने जीकर छेड़ ही दिया। तीन नए लड़के थे जिससे मुझे मिलना था मैं इस Coman sesion से बहुत पहले तंग आ चुकी थी। क्या दुनिया की बातों से तंग आके मुझ से छुटकारा चाह रहे थे या वो मेरे मन के मिताबित शादी करके मेरी खुसी ठुढ़ रहे थे या अपने मन के मुताबित मेरी शादी करके करवाके अपनी खुसी ठुढ़ रहे थे। क्या मै खुद नही चाहती थी की मेरी शादी हो परिवार हो, में भी घर के लिए पर्दे खरीदू ,घर सजाउ। लेकिन किसी भी राह चलते आदमी से तो विवाह नही कर सकते ना। फिर बहेस हुई मैं office के लिए निकल पड़ी। बिच सड़क पर गाड़ी ख़राब हो गई। नई गाडी ले रही थी Loan Sensan नही हुआ था। बेहद बुरे मुंड में office पहुची तो Bank से एक आदमी आकर बैठा हुआ था Form भरने लगा। और बोला मैडम आप बस यहां साइन कर दीजिए और बाकि में भर दूँगा। फिर दो secound के बाद मुँह उढ़ाकर बोला मैडम Married या An married मन किया कि paper weds उसके मुँह पर दे मारू,हद हो गई यार। मुझसे पता था कि वह अपनी Duty कर रहा था। फिर भी मैने उसे गुस्से से कहा ये form आप यही पर छोड़ दीजिए मै भर के आपके office में पहुँचा दूँगी। फिर phone बजा मेरी best friend थी sunit, College time की सहेली बोली तू आ रही है ना री यूनियन में मैने कहा नही yaar sunita ने कहा कि मुझे पता है कि तू क्यों नही आ रही। yaar कब तक हम इस सवाल से भागते रहेंगे। मैने कुछ देर सोचा और कहा तू सच्ची कह रही है। तो फिर चलते है देखा जाएगा एक शाम की तो बात है। उस दिन घर लौटी तो papa news paper पढ़ रहे थे। memi phone पर थी शायद मासी से बात कर रही थी। बोली वो आ गई है तू phone रख रात को बात करती हूँ। memi चाय के साथ पकोड़े भी लेके आई। मैं समझ गई थी की कटने से पहले बकरे की खातिर हो रही थी। Papa ने paper में खबर पढ़ते हुए कहा कि Love Marrige में डिवोस का रेट 60% बढ़ गया है। यह महत्वपूर्ण सुचना भी जाहिर सी बात है मेरे लिए ही प्रसारित की गई थी। Papa ने अखबार साइड में रखा चाय की चुस्की ली और बोले कल office से छुटटी ले लेना। उन तीनों लड़की से मिलना है मुझे बस हुकम मिला था जैसे बचपन से मिलते आ रहे है साईंस मत लो आर्ट लो Music सीखो,भाई के dosto से ज्यादा मत घुलो मिलो। मुझे याद है जब मुझे ये नोकरी मिली तो कितनी मुश्किल से memi, papa को मना पाई शहर मैं नोकरी करने के लिए parents अक्सर भूल जाते है कि बेटियों के सहारे चलता है ये मुल्क बेटिया जो माँ बनती है बहने बनती है और अपना कैरियर अपना सपना न्योछावर कर देती है। ताकि उसके भाई ,husband, बेटे आगे बढ़ सके। Parents अक्सर भूल जाते है कि बेटियों से ज्यादा समझदार कॉम आज तक ऊपर वाले ने बनाई ही नही। 

Parents को बेटियों पर विशवास करना चाहिए। न की उनकी जिंदगी रिमोट कंट्रोल से चलानी चाहिए । लेकिन में अब हार चुकी थी और लड़ना ही नही चाहती थी आखिर मेरे माँ-बाप ने मुझे जन्म दिया था वो जिदद पर थे की में किसी लड़के से 15 मिनट मिलके सारी जिन्दगी साथ बिताने का फैशला कर लु। तो जरूर कुछ सोच समझ कर ही कह रहे होंगे। Boss को Email भेजा की मैं कल नही आ पाऊँगी। स्लवार-कमीज पहन के बिन्दी लगाके चुड़ी पहनके अगली सुबह दूल्हा फाइनल करने निकल पड़ी। तीनों से मिली बचपन में जब भी अपने Husband  के बारे में जो भी मन में तस्वीर खिंची थी ये लोग उन में से नही थे। ठीक भी है ना जिदगी की जो तस्वीर खीचते है और जो जिदगी हमे देती है उसमें फर्क होता है। इसलिए तो सपने,उम्मीद,ख़ाब इन सब नामो की चीजें भगवान ने बनाई है। स्याम को थक के घर लोटे मैने दूसरे number वाले लड़के को बिना सोचे समझे हाँ कह दिया। उसका नाम तक ठीक तक नही जानती थी। लेकिन mummy-papa की फिकर को दूर करने जा रही थी। उनकी बेटी की शादी होने जा रही थी। कविता और मैं उस Hotel के सामने उतरे जहाँ री यूनियन की party थी। यहाँ यह कहना जरूरी होगा की हम दोनो काफी अच्छी लग रही थी होल के अन्दर घुस्से तो ऐसा लगा जैसे College के पुराने दिन वापस आ गए। थोड़ी देर हिजक के बाद सब खुल के हसने लगे,गले मिलने लगे और एक दूसरे को पुराने नामो से बुलाने लगे। जिसको देखो वही Axpecated सवाल पूछ रहा था । miss beauty शादी की  के नही अब मुझे क्या डरना। अब तो जबाब था मेरे पास मैने कहा तय हो गई है बस तारिक fix होनी है। हम सब की हँसी मजाक चल ही रही थी की पीछे से जानी पहचानी आवाज ने कहा Congratulations में पलटी तो sandeep खड़ा था। वही Sandeep जो मेरा बहुत अच्छा dost हुआ करता था जिसने मुझे Velatinday पर 100 गुलाब के फूलों का गुलदस्ता भेज कर ऐसा झटका दिया था कि मैने उससे दोस्ती तक तोड़ ली। उस दिन के बाद हम दोंनो ने कभी बात नही की थी । बो बोला Sorry मुझे बाद में पता चला की तुम्हे बुरा लग गया I am really sorry उसने मुस्करा के हाथ बढ़ाया की Friends Again और मैने भी हँस के हाथ मिलाया मैने कहा yes friends again बाकी स्याम हम लोगों ने एक कोने में बैठ कर गप्पे मारने मैं गुजारी उसे सब याद था मै कैसे जिदद करके horal film देखने जाती थी डरते वक़्त पूरा time उसका हाथ भी पकड़े रखती थी। मैं कैसे Class miss करके चाट खाने जाती थी लक्ष्मी चाट-भंडार के गोल-गप्पे खाए बिना मेरा दिन पूरा ही नही होता था। कैसे में बाहर बैठ कर गीता दत्त के गाने गाया करती थी उसके साथ। क्यों मेने Sandeep से रिश्ता तोड़ लिया था कितने Selfice कितने खुदगर्ज हो जाते है हम कभी-कभी हम चाहते है कि हमारे पास जो लोग रहते है। वो हमें उन्ही नजरो से देखे जैसे हम चाहते है अगर मैंने Sandeep से इतनी बेदरदी से रिश्ता नही तोड़ा होता तो आज क्या पता। मैंने शायद किसी मतलब  से ही पूछा उसे। शादी की Sandeep वो किसी बात पर हँस रहा था हँसते-हँसते अचानक रुक गया और बोला हाँ लेकिन मैं उनको रास नही आया। तलाक की Final date पिछले महीने ही हुई है। मैंने कहा कब तक हो यहा पर,वह बोला कल स्याम तक जा रहा हूँ free हो तो बताना मिलेंगे। फिर ना जाने कब तक वापिस आउ। Rey Union की Party ख़त्म हो रही थी। मैंने Sandeep से कहा कि में उसको उसके Hotel तक Drop कर दूँगी। रास्ते में खूब बाते किए जा रहा था मैं सायद कई सालों के बाद इतना खुल के हँसी थी Yaar तुम्हे आइडिया नही है कि कितना काम करवाया था उस Velatinday के दिन तुझे पता है Lover कितने बढ़ गए है शहर की Populaction में 2,5,7 बीस दुकान वाले के पास जाकर 100 गुलाब जोड़े थे और तुने वापस कर दिए ।

चल अब हर्जाना भर कल रात मेरे साथ होटल में खाना खाना फिर अपनी खटारा गाड़ी में Airport छोड़ देना। भगवान ने चाहा टी Airport पहुँच ही जाएंगे। रात बड़ी धीमे-2 कटी गहरी सोच में थी मैं इतने सालों के बाद मुझे मेरा सबसे अच्छा dost फिर से मिल गया था। वो जो कभी मेरा सबसे अच्छा साथी भी था लेकिन जिसका साथ मैने ठुकरा दिया था ऐसा नही था की Sandeep के लिए अचानक मेरे Dil में Pyaar उमड़ पड़ा था

लेकीन उसके साथ मुझे एक पूरापन पता नही ये शब्द होता है के नही एक पूरा पन महसूस हुआ था तब भी और आज भी papa कमरे में आए और बोले Sunday को लडके के Parents से मिलना है मेरी जिदगी मेरे हाथो से फिसल रही थी सायद इसी को नियति,टेस्टनी,मुकदर,तकदीर कहते है अगली साम नई गाड़ी आ गई चमचमाती लाल में दफ्तर से निकली और नई गाड़ी में Sandeep के Hotal की तरफ चल पड़ी क्या मेरी उससे आखरी मुलाकात थी गाड़ी traffic Light पर रुकी मुझे पता नही क्या सुजा मैने सीधे जाने के बजाय गाड़ी Left मोड़ ली मुझे 100 गुलाब के फूल खरीदने थे आपको पता है Lover कितने बढ़ गए है शहर की Populaction में 2,5,8 करके 20 दूकान वालो के पास जाकर 100 गुलाब के फुल जोड़े और Sandeep के Hotal के दरवाजे पर पहुच गई Sandeep मुझे देख कर हेरत में पड़ गया मैने कहा Sandeep में आज जिदगी की मुस्किल जगह खड़ी हु तुम मेरे Best Friends थे और आज मुझे समझ आ गया है की तुम ही मेरे best friends हो इसलिए हमेसा की तरह अपनी मुस्किल तुम्हारे पास लेके आई हु तुम से बेहतर खुद को मै भी नही समझती हु क्या तुम मुझसे Arraged Marriage करोगे मै Memi,Papa को को समझा लूगी तुमसे Pyaar नही करती हु लेकिन मै जानती हु की हर खुबसुरत Arraged Marriage की तरह मुझे तुमसे प्यार हो जाएगा क्या तुम मुझसे Arraged Marriage करोगे Sandeep दरवाजा पकड़ के थोड़ी देर देखता रहा फिर बोला I am sorry की ये नही हो सकता क्योकि मै तुमसे तब से आज तक बेतहासा प्यार करता हु Love Marriage के अलावा मझे और कुछ मंजूर नही |
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