Precious Real Life Inspirational Thoughts ~ वास्तविक जीवन में प्रेरणादायक अनमोल विचार |

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लोट जाता हूँ वापिस घर की तरफ हर रोज थका हारा |
आज तक समझ नही आया की काम करने के लिए जीता हूँ |
 या जीने के लिए काम करता हूँ |

बचपन में सब का बार बार पूछा गया सवाल |
बड़े होकर क्या बनना है | जबाब अब मिला, फिर से बच्चा बनना है |

थक गया हु तेरी नोकरी से ऐ जिदगी |
मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे |

दोस्तों से  बिछड़कर कर ये हकीकत खुली,
बेशक कमीने थे पर रोनक उन्ही से थी |

भरी जेब से दुनिया की पहचान करवाई |
और खाली जेब से अपनों की |

जब लगे पैसे कमाने तो समझ आया की शोंक तो माँ-बाप के पैसे से ही पुरे होते थे |
अपने पैसों से तो बस जरूरते ही पूरी हो पाती है |

हसने का दिल ना हो तो भी हसना पड़ता है |
कोई जब पूछे केसे हो, मजे में हु कहना पड़ता है |

ये जिदगी का ड्रामा है दोस्तों | 
यहा हर एक को नाटक करना पड़ता है |

माचिस की जरूरत यहा नही पड़ती |
यहा तो आदमी-आदमी से जलता है |

दुनिया के विज्ञानिक(Scientist) ढूढ़ रहे है की आसमान पर जीवन है के नही | 
पर आदमी ये नही ढूढ़ रहा की जिदगी में खुसी है या नही |

नीद और मोत में क्या फर्क है |
किसी ने क्या खूबसूरत जबाब दिया है |
निद आधी मोत है |
और मोत मुकमल नींद है |

जिदगी तो अपने ही तरीके से चलती है |
औरों के सहारे तो जनाजे उठा करते  है |

सुबह होती है श्याम होती है |
उम्र यु ही तमाम होती है |

कोई रो के दिल बहलाता है |
और कोई हस के दर्द छुपाता है |

क्या करामत है कुदरत की, जिन्दा इन्सान पानी में डूब जाता है |
और मुर्दा तेर के दिखलाता है |

बस Conductor सी हो गई है जिदगी 
सफर भी रोज का है और जाना भी कही नही |

हर सवाल का जबाब में दुढ़ता रहा |
और अपने कमरे में जाते ही मेरे सभी सवालों का जबाब मिल गया |

छत ने कहा उच्ची सोच रखो |
पंखे ने कहा ठन्डे से रहो |
घड़ी ने कहा हर मिनट कीमती है |
शीशे ने कहा कुछ करने से पहले अपने अंदर झांक लो |
खिड़की ने कहा दुनिया को देख लो 
कलेण्डर ने कहा Up To Date रहो |
और दरवाजे ने कहा अपनी मंजिल को पाने के लिए पूरा जोर लगा दो 

लकीरे भी बड़ी अजीब होती है |
माथे पे खीच जाए तो किस्मत बना देती है |
जमीन पे खीच जाए तो सरहदें बना देती है |
खाल पे खीच जाए तो खून ही निकाल देती है |
और रिश्ते पे खीच जाए तो दीवार बना देती है |

एक रुपिया एक लाख नही होता |
मगर फिर भी एक रुपिया एक लाख से निकल जाए तो वो लाख भी नही रहता |

हम आप लाखो दोस्तों में से एक वहीं रुपिया है |
सम्भाल के रखियेगा बाकी सब झूट,हवस, और फरेब है |

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2 comments

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HindIndia
admin
2 January 2017 at 02:47 ×

नये साल के शुभ अवसर पर आपको और सभी पाठको को नए साल की कोटि-कोटि शुभकामनायें और बधाईयां। Nice Post ..... Thank you so much!! :) :)

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2 January 2017 at 03:58 ×

thanks and aapko bhi bhut bhut badhai ho brother...

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