माँ की तड़पती आत्मा दर्द भरी कहानी : Suffer The Soul Of The Mother Sad Story

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नमस्कार दोस्तों आज में आपके लिए एक ऐसी कहानी लेकर आया हूँ। जो आप लोग पढ़ कर अपनी आँखों से आँसू नही रोक पाओगे।
दोस्तों आजकल ठण्ड बहुत ज्यादा पड़ रही है। तो दोस्तों अपनी ममी-पापा का इस ठण्ड में ख्याल रखे। आज में जिस माँ की कहानी आपको बता रहा हूँ दोस्तों यह कहानी इसी ठण्ड के ऊपर आधारित है तो आइए दोस्तों कहानी शुरू करते है।

सर्दियों के मौसम में एक बूढ़ी औरत अपने घर के कोने में ठण्ड से तड़फ रही थी। जवानी में ही उसके पति का देहांत हो गया और घर में एक छोटा बेटा था।

उस बेटे के उज्जवल भविष्य के लिए उस माँ ने लोगो के घर-घर जाकर काम किया। काम करते-करते बहुत थक जाती थी। लेकिन फिर भी आराम नही करती थी। और हमेसा एक बात याद करके फिर काम में लग जाती थी।

की जिस दिन बेटा लायक हो जाएगा या कमाने लग जाएगा उसी दिन आराम करेगी देखते-देखते समय बीतता गया माँ बूढ़ी हो गई। और बेटे को एक अच्छी नोकरी मिल गई। और कुछ समय बाद बेटे की शादी कर दी और एक बच्चा ही गया।

अब बूढ़ी माँ बहुत खुश थी। क्योंकि उसके जीवन का सबसे बड़ा सपना पूरा हो गया। क्योंकि उसका बेटा लायक हो गया और अपने पैरों पर खड़ा हो गया था।

अब उसका बेटा उसकी हर ख्वाइस पूरी करेगा। लेकिन ये क्या बेटे और बहू के पास बढ़ी माँ से बात करने तक का वक़्त नही है। बस इतना फर्क पड़ा था माँ के जीवन में पहले वो बाहर के लोगों के जूठे बर्तन साफ करती थी। और अब अपने बेटे और बहू के। पहले बाहर लोगो के कपड़े धोती थी अब अपने बेटे और बहू के, फिर भी खुश थी औलाद तो उसकी थी।

सर्दियों का मौसम आ गया था। एक टूटी चारपाई  पर घर के बिलकुल बाहर वाले कमरे में एक फ़टे-पुराने कमल में सिमट कर लेटी थी। और सोच रही थी की आज बेटा आएगा उसे कहूंगी की तेरी माँ को रात को ठण्ड लगती है। एक नया कमल ला कर देदे।

श्याम को बेटा जब घर आया तो माँ ने अपने बेटे से बोला बेटा ठण्ड बहुत है। मुझे बहुत ठण्ड लगती है। और बात ठण्ड की नही है। मैं बूढ़ी हो गई हूँ शरीर में जान नही है। फ़टे हुए कमल में ठण्ड रूकती नही है। एक कमल लाकर देदे।

बेटा गुश्से से बोला माँ इस बार घर के राशन में बच्चों के Admission में और बिजली के बिल में बहुत ज्यादा खर्चा हो गया है। कुछ पैसे है जो कि बच्चे का स्वेटर लाना है। तेरी बहू का स्योल लेके आना है। तुम तो माँ घर में ही रहोगी। तुम तो सहन कर सकती हो। हमे तो बाहर जाना होता है कमाने के लिए।

बस माँ दो महीने की सर्दी निकाल लो अगली सर्दी में आपको नया कम्बल लाकर दूँगा। माँ अपने बेटे की बात सुनकर चुप-चाप जाकर उस फ़टे हुए कम्बल में सिमट कर सो गई।

अगली सुबह हुई तो माँ इस दुनिया में नही थी। माँ की ठण्ड के कारण मृत्यु हो चुकी थी। बेटे ने सभी को खबर की। कहा कि माँ इस दुनिया में नही रही है।

सब रिस्तेदार,दोस्त,पड़ोसी सब इक्टढे हो गए। बेटे ने अपनी माँ की अन्तिम यात्रा में कोई कमी नही छोड़ी। माँ की बहुत अच्छी अर्थी सजाई गई थी। बहुत महंगा स्योल माँ को उढ़ाया गया था। सारी दुनिया अंतिम सस्कार को देख कर कह रही थी। की हमे भी हर जन्म में ऐसा ही बेटा देना। मगर उन लोगों को क्या पता था कि मरने के बाद भी एक माँ ठण्ड से तड़फ रही थी। सिर्फ एक कम्बल के लिए, सिर्फ एक कम्बल के लिए।
दोस्तों आप के माँ-बाप अगर आपके साथ है तो आप बहुत भाग्यशाली है। आज आप अपने जीवन में जो कुछ भी हो उन्ही की महेनत और लगन की वजह से हो। जीते-जी अपने माता पिता की सेवा करना ही आपका पहला कर्तव्य है।

बस दोस्तों इतनी सी थी ये कहानी  अगर दोस्तों अच्छी लगे तो ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए। और अगर आपके पास भी है ऐसी कहानी तो आप हमें भेज सकते है और इस कहानी को आपके नाम से प्रकाशित की जाएगी।
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