Heart Touching Love Story in Hindi – आखरी ख़त

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Heart Touching Love Story in Hindi – आखरी ख़त

मेरे साफ सुथरे घर में हर चीज अपनी जगह पर मिलती है 33 साल की हूँ और Marriage किए हुए 10 साल हो गये है Marriage की बात चल रही थी तो माँ रोज यही समझातीं थी की Suman अभी तो तुम अपने कमरे में हर चीज यहाँ वहां फेक देती हो शादी के बाद पता चलेगा माओं के पास भविष्य जान लेने की मशीन होती है शादी के बाद सुच-मुच पता चल गया धीरे-धीरे जिंदगी जीना सीख गई और मैंने पहले पत्नी बनना सिखा, फिर माँ और धीरे-धीरे रोटियाँ बनना आ गया, धीरे-धीरे प्रेस करते वक्त पेंट-सर्टो पर न झूझलाने की कला सीख ली,सबसे पहले सबके बारे में सोचने की कला सीख ली, इंतजार करना तथा रूठना सीख लिया, नाराज पति को मनाना सीख लिया, पर एक कला नही सीख पाई तकलीफ भरी यादो को भुलाने की कला |

मैं और दिन शायद एक जैसा ही सफर तय करते थे, जब सूरज उगता तो उसके सुबह के साथ उमीद से भरी हुई अगड़ाई लेती कुछ घंटे बाद हल्की सी तल्खी दिन की पर्चिदिया एक दुसरे के साथ सूरज की तग किरणों की तरह निपटने लगती फिर मन की ठलकती दोपहर निपटने लगती फिर मुस्किलो का दिन ठलता और तसल्ली भरी शाम आती और मैं अपनी मुस्कराहट का शाम जैसा ठण्डा नकाब ओढ़ लेती फिर रात साह खामोश सारे राज छुपाये हुए, कभी याद के लम्हे झिन्गरों की तरह संन्नाटे तोड़ जाते और फिर 8 घंटे बाद एक नई सुबहा उमीद की एक नई अगड़ाई,

जिदगी एक शोर भरे चौराहे पर लगी Traffic Light कभी रुकने को कहे और कभी चलने को कहे कभी कहे की तैयार रहो कभी भी रुकना पड़ सकता है लेकिन रुकने और चलने का खेल खेलते-खेलते मेरा Dil भर गया था | 
शादी Arrange marriage थी मेरे Husband Rohan एक Private Company में Agriculture Scientist है उनके ऊपर काफी जिम्मेदारियां है काफी Busy रहते है लेकिन मुझे पता है कि मेरा ख्याल करते है प्यार की कभी उमीद नही की तो प्यार ना होने पर तकलीफ भी नही हुई या सायद ऐसे रिश्ते में इसी फिकर को ही प्यार कहते होंगे सुबह से श्याम तक अपने Microscope के साथ Busy रहते है लेकिन दिन में एक बार Call करके पूछ लेते है की Mohit के English Test में कितने Marks आये तुमने अपनी Medicine खाई की नही लेकिन कुछ दिन पहले हमारे बीच ऐसी कोई भी बात नही हुई ना तो Mohit के test के बारे में ना ही मेरी दवा के बारे में पूछा | मेरी life में एक ऐसा हादसा हो गया था की आप सोच भी नही सकते की में क्या करने जा रही थी Rohan के Office और Mohit के School जाने के बाद में Study Table के सामने बेठी और मेरे सामने पड़ी थी Pen, Paper और एक जहर की शीशी (Poisoned vial) 
जब मेरी Marriage होने वाली थी तो मेरी Friends अक्सर मुझको छेड़ती रहती थी की Agriculture Scientist से Marriage कर रही हो अब तो आलू,टमाटर अब तो मुफ्त में ही मिलगे वरना खेती बाड़ी के Scientist से शादी करने का फायदा क्या | Rohan जब Office चले गये तो में Study Table के पास एक अलमारी के अंदर एक चीज थी जो कुछ दिनों से मेने ताड़ रखी थी उसको निकाला किसी जहरीले Chemicalकी शीशी थी जो Rohan किसी काम से घर ले आए थे | इस दोपहर की कहानी कई-कई दोपहरो पहले शुरु हुई थी तब में Collage में थी पापा का हाल ही में शहर में transfer हुआ था और मेरे लिए ये सब कुछ नया था दादा जी के बड़े से घर के बाद पहली बार में दो Bedroom के Flat में रहने की आदत डाल रही थी |
दो Bedroom के Flat में आम के पेड़ों से घिरा लम्बा खुला बरामदा नही था जहाँ में रश्सी कूद किया करती थी और उसके पीछे लम्बी-लम्बी पोधो की कियारी जहाँ पर मेरा पालतू खरगोस मेरी दोड़ने की Practice करवा देता था दो Bedroom के compartment में खुला आसमान नही था जिसमे पतगे उडती थी बादल घुमड़ते थे और दादा जी जब कहानी सुनाते थे तो तारे चमकते थे लेकिन मैंने अपनी जिंदगी में हर चीज को गले लगाना सीख लिया था रस्सी कूद के लिए बरामदा नही था तो बालकनी में खड़े होकर तुलसी की चाय पीते हुए नीचे सड़क पर चलती गाड़ियों को गिनने का खेल सीख लिया था और पड़ोस वालो को अपने पुराने महोले की तरह चाची या मम्मी नही Aunty कहना सीख लिया था और साइकिल चलाने से डरने वाली एक दबू लडकी ने एक नये Confidence से Moped चलाना सीख लिया था Moped बाजार में पार्क करते वक्त एक Motorcycle पार्क करता एक लड़का खड़ा था और मै अपनी नई जिन्दगी को गले लगाना चाहती थी, मुझे जल्दी ही पता चल गया था कि वो लड़का मुझे गले लगाना चाहता है |
Rahul नाम था उसका और एक साल Senior था Student Senior में Joint secretary था दिखने और सुनने में अच्छा था और हजार तरीको से जताता रहता था कि वो मुझको चाहता था क्युकी कुछ दबग टाइप का था | मेरे दोस्तों ने मुझको कहा भी था की तू इस शहर में नई-नई आई है इतनी जल्दी बिना-सोचे समझे Motorcycle stand पर एक लडके को अपना Dil दे दिया, बल्कि माँ ने सखत हिदायत दी थी की अजनबियों से बात मत करो अजनबियों पर आसानी से भरोसा नही कर लेना चाहिए, मेरी सहेलियां और माँ एक दम सही कहती थी | जब Luxmi Tea Stall में चाय पीते वक्त जब हमारी उँगलियाँ गलती से छु गई तो मुझे लगा की अब तो ये लड़का अजनबी नही रहा, माँ ने तो अजनबियों से बात न करने की हिदायत दी थी मैंने Rahul को वहीँ Luxmi Tea Stall में अपना Dil दे दिया | 
Rahul से मैं प्यार तो कर बैठी थी अक्सर मैं यह सोचा करती थी की अगर वह Student Leader नही होता और अगर मेरी Economics Class का एक घोंचू सा लड़का होता तो हम Library की मेंजो पे, Canteen की टूटती कुर्सियो पे, Class की आस-पास की सीटों पे, Masseges और निगाहे करते-करते महोबत का काम चला लेते लेकिन Rahul joint secretary था और President बनना चाहता था, लोग उसको जानते थे और वह चाहता था कि लोग उसको और भी जाने उन दिनों छोटे शहरो में गाने नाचने के Reality show में हिस्सा लेकर आए छोटे बच्चे नही यही Student Leader Celebrity हुआ करता था इसलिए जाने-अनजाने में आसपास का पूरा Circle इनकी चकाचोंद के घेरे में आ ही जाता था। Rahul मुझसे मिलता तो लोग भी देखते धीरे-धीरे सबको यह जाहिर होने लगा की में कोई Student नही थी जो Admit Card की Problem लेकर Student Leader के पास गई थी लेकिन मैं Collage के खास लड़के की खास बन चुकी थी |
मैं जिस दिन पहली बार Rahul की Motorcycle पर बैठी तो ऐसा लगा जैसे शहर में Breaking news हो गई हो, कुछ खास नही हुआ था Rahul New black color की Motorcycle खरीद के लेके आया था और वह चाहता था कि मैं उसका उद्घाटन करूँ | हमने Collage खत्म हो जाने और सब लोगो को घर चले जाने का इंतजार किया फिर मैं अपना दुपटा सम्भालते-सम्भालते Motorcycle के पीछे बैठी और उसने Motorcycle start किया और उसके करीबी दोस्तों ने तालियाँ बजाई। हमने Library के सामने से फिर Physics Department के पास फिर रजिस्टार Office के चरों और एक लम्बा चक्कर लगाया और मैं शर्माती हुई घर चली गई । 
लेकिन चपरासियों के भी कान होते है और आँख तो जरूर होती है आँखों-आँखों कानो-कानों से ये बात मम्मी के एक दोस्त के पास पहुँच गई । उस श्याम में देर से घर पहुंची तो मम्मी ने बिना कुछ कहे-सुने इतनी जोर से कान खींचे की आँखों से आंसू निकल आये। मम्मी ने कहा कि पापा को पता चला तो प्रलय आ जाएगी। मेरे साथ मम्मी ने एक सौदा किया कि मैं अगर Rahul से मिलना जुलना छोड़ दूँ तो वह पापा के गुस्से और प्रकोप से मुझे बचा लेगी। पापा के गुस्से में Rahul के प्यार से कहीं ज्यादा जोर था। मैं कई दिन रोती रही, खाना नही खाया, श्याम को पापा के सामने हँस के चेहके मिल लेती । इसके अलावा मैं ज्यादातर घर में ही अपने आप को कैद करके रखती थी क्योंकि मैं जानती थी की मैं हारने के लिए लड़ रही थी । मैंने एक दिन चोरी से Rahul को फ़ोन किया और उसे कह दिया कि मैं तुमसे नही मिल सकती वों काफी देर तक चुप रहा और बोला एक बार मिल लो आखरी बार City Guest House Restaurant में।

Best Heart Touching love Story in Hindi

क्या वह लड़की Rahul से मिलने आएगी देखते है आगे क्या होता है  Sad Heart Touching love Story in Hindi

मेरी सहेलियों को Rahul से रिश्ता बनाने पर इतना आस्चर्य नही हुआ लेकिन उससे कहीं ज्यादा मेरा ये रिश्ता तोड़ने पर हुआ । अचानक Collage के जाने पहचाने लड़के से रिश्ता तोड़ना बिना बात के मेरी सहेलियों को तो समझ नही आया, समझ तो हाल मुझको भी नही आया चाहे में कितनी भी जिद्दी बन जाती मुझको पता था कि Rahul के पीछे दौड़ना अपना खून जलाना है। सायद अपने जीवन में हजारों लोगों को ऐसे समझौते करने पड़ते है। उस व्यकत नाराजगी भी थी, बेबसी भी थी पर हिम्मत नही थी। लड़को और लड़कियों की दूरबीनो से देखि गई दुनिया जमीन और आसमान जितना फर्क होता है ।

Rahul और लड़कों की तरह ये नही समझता था कि अपनी Motorcycle खड़ी करके जब वह City Guest House Restaurant में आया तो आँखों में स्थितियों के लिए उतना ही गुस्सा था जितना मेरे लिए। दो नही सिर्फ एक कप चाय मंगवाई गई और हमारी उँगलियाँ एक दूसरे के साथ रोज की तरह स्पर्स नही हुई। वह रोज की तरह मेरी आँखों में नही मेज की तरफ देखता रहा और बहुत कम बोला जैसे कोई युद्ध हो और नाराजगी और नाउमिदी की सेनाएँ एक दूसरे के सामने खड़ी हो ऐसे हम मेज पर आमने-सामने बैठे रहे दोनों से में थकी हुए थी इतने लम्बे सफर के बाद हार महसूस कर रही थी, कोई लड़ने को तैयार नही था बस एक गहरे अफ़सोस के साथ इस बात का end था कि बिगुल कुछ ही देर में बजने वाला है फिर ये दो योद्धा कभी नही मिलेंगे। मैंने अपने शब्दों के बाण इस तरह से छोड़े की उसको चोट भी न लगे और तीर निशाने तक पहुच जाए |

मैं चाहती थी की मेरी बात वो समझ जाए और मुझे दोश भी ना दे, मुझसे नाराज ना हो मैं नही चाहती थी की तकलीफ भरी अलविदा मुझको तोड़ डाले। वेटर बिल देके खुले पैसे लाने गया तो उसने आखिरकार वो एक मीटर की दुरी पार करके मेरा हाथ थाम लिया, सायद यही था मेरे मन का बांध का बटन जो अब तक आंसुओ को रोके हुए था। उसने मुझे स्पर्स किया आंसुओ की सिख गहरी उफनती नदी की तरह चल निकली, काजल भी बह निकला, थोड़ा बहुत मेकअप किया था वो भी बह निकला, आँखों से न जाने कितना गम बह निकला। मैने रोइ हुई आखो से उसे देखा और वों बोला आओ मुँह धोलो Guest House उसके दोस्त का था। कुछ देर बाद एक कमरा हमारे लिए खोल दिया गया। मैं दरवाजा बंद होते ही जोर-जोर से रोते हुए Rahul से लिपट गई तकलीफ आँखों से बह रही थी, सब कुछ बिखर रहा था।

आँसुओ से भीगी उस दोपहर को कई साल बीत गए उसके बाद में Rahul से कभी नही मिली उसने मुझसे मिलने की बहुत कोशिस की, दोस्तों से संदेश भिजवाये और फिर Phone किया माँ फ़ोन उठाती और कह देती की मंदिर गई है और फ़ोन काट कर पागलो की तरह मेरे पीछे मन्दिर चला जाता। वहाँ हर भगवान के मन्दिर के सामने मुझको ढूढ़ता, गुस्सा करता फिर Phone करता। माँ फ़ोन का Receiver ही अलग रख देती थी। एक दिन घर का फ़ोन का Number ही बदल दिया गया, सुना है उस दिन के बाद वो मुझसे प्यार के बदले नफरत करने लगा। सुना है उसने पढ़ाई भी छोड़ दी और College भी छोड़ दिया। बस अपने पापा के दफ्तर में सिगरेट,शराब के दलदल में डूबता जा रहा था।

सुना है कि वह बुरा आदमी बन गया था लेकिन मेरी याद में अब भी वही दीवाना type joint Secretary था जो मुझको पहली बार Motorcycle Stand पर मिला था Graduation को दो साल बीत गए और मेरी शादी भी हो गई Arrange Marriage | एक बार प्यार करने और खोने के बाद दोबारा प्यार करने की हिम्मत ही नही जुटा पाई थी। अब तक Rahul का ख्याल मन के एक कोने में था और जब वरमाला के वक़्त Rohan को देखा तो ऐसा लगा की यही सीधा-साधा लड़का ही मेरा जीवन है जो छूट गया, Rohan  बहुत अच्छे है। सायद Romantic होना नही जानते मगर प्यार करना जानते है और मैंने भी अपना वचन तोड़कर प्यार करना दोबारा सीख लिया था।

अब प्यार दो लोगों में बंटा है, Rohan और हमारे आठ साल के बेटे, Mohit पढ़ाई में बहुत होशियार है और एक दम अपने पापा पर गया है। हमेशा class में First या second आता है। Rohan इस बार बोले की अगर वह First आ गया तो उसको Computer दिलवाएंगे । Mohit भी अपने पापा से कम कहाँ First आकर दिखा दिया। अब क्या TV और खेलकूद सब छोड़ के जब देखो mohit को computer का बुखार चढ़ा हुआ था। जब देखो Mohit को internet पर facebook-facebook पर ना जाने क्या क्या करता रहता था । एक दिन बोला पापा इतने inteligent मम्मी तुम बिलकुल बुधु हो । आओ Computer सीखो, लो जी मेरा Facebook Account खोल दिया गया। मैंने कहा Operate तू ही कर, मेरे तो कुछ समझ नही आता । अच्छा खेल चल रहा था माँ और बेटे में लेकिन तीन दिन बाद खेल ख़त्म हो गया। मैं अपने कमरे में बैठी थी की Mohit रोता हुआ आया। किसी ने मेरे Account में सारी दुनिया को दिखाने के लिए मेरी कुछ तस्वीर Tag कर दी या डाल दी थी। ऐसी तस्वीर जो मेरे बेटे के देखने लायक नही थी |

जैसे द्रोपती अपने चिर-हरण के बाद धरितराष्ट्र के सामने खड़ी हो, ऐसे में अपने कमरे में खड़ी थी। कुछ समय के बाद उस बिजली के झटके से उभरी तो मोहित के कमरे की और गई डरते-डरते कदम धीरे-2 बढ़ाते हुए क्योकि मैं जानती थी वहाँ अतीत का एक लम्हा Computer Screen पर मेरा इन्तजार कर रहा है, तस्वीर देखते ही मेरी चीख़ निकल गई, बरसो-बरसो पहले City Guest House के एक कमरे में जब में Rahul से लिपट गई थी उस लम्हे के बाद की कुछ मिनटों की तस्वीरो के पुराने Color Print को Scan किया गया था। यादों का लम्हा ताजा था।

Rahul ने कहा कि वह आखरी बार एक निशानी के तौर पर हम दोनों की तस्वीर खीच रहा था । कुछ में अभी अभी रोती हुई लड़की के बाल बिखरे हुए थे कुछ में उसके कपड़े अस्त व्यस्त थे। तस्वीर झूठ बोल रही थी एक ऐसी कहानी बताना चहाती थी जो सच नही थी। किसी अनजान आदमी के नाम से Post हुई थी लेकिन Internet के खुले आसमान में हजारों लोग ऐसे थे की सच को नही जानना चाहते थे जो सिर्फ तस्वीर का मजा उठाना चाहते थे।

बात फैलने लगी लोग चटखारे लेकर बाते करने लगे। दुशासन ने जब महाभारत में जब द्रोपती का चीर खीचना सुरू किया था तो कोई नही आया बचाने । आज facebook के जमाने में भी मेरी मर्यादा को उछाला जा रहा था जो एक Chaine nil की शक्ल में । वो तस्वीर एक से दूसरे दूसरे से तीसरे तक भेजी जा रही थी मैं एक पल में तमासा बन गई थी। हिदुस्तान में जितने अपराध कानून की किताब में है उनमें से एक है जिसके लिए सजा नही दी जाती औरतो का चरित्र हनन, character Assassination , तीन दिन बीत गए आख़िरकार Rohan के office जाने और Mohit के school जाने के बाद में Study Table के सामने बैठी हुई थी और table पर सामने जहर की शीशी थी । इसके इस्तेमाल होने का वक़्त आ गया है। मै चिट्ठी लिख रही थी मेरे पति को मैने सब कुछ सच-सच बता दिया था ।

उन जितना अच्छा इंसान मैंने आज तक नही देखा। Rahul यह जहर की शिशि तुम को भेज रही हूँ पी लेना क्योकि Police को तुम्हारे Crime का पता चल गया है। रिपोट कर दी थी हमने, वो चल पड़े है तुम्हारे शहर की और यह चिट्ठी तुम्हे सायद जेल में मिलेगी। जहर पी लेना वरना Police वाले जहर पीने के लायक भी नही छोड़ेंगे। Rahul तुम जैसा आदमी मेरा नुक्सान नही कर पाएगा क्योकि मेरे पति मेरा मान करते है मेरी मर्यादा का मान करते है। मेरी सुरक्षा करते है। तुम जितने बुरे इंसान हो वो इतने ही अछे इंसान है। तुम मेरी भूल थे असल में वो मेरा पहला प्यार है |

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3 Comments
  1. HindIndia says

    बहुत ही अच्छा post है, share करने के लिए धन्यवाद। 🙂 🙂

  2. Parhlad suthar says

    apka bhut bhut dhanyabad #HindIndia keep visiting….

  3. ramya says

    its a very good post thanks for sharing

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What Blockchain and Bitcoin Mean for the Protection Business You may have heard the expressions "blockchain" or "Bitcoin" utilized as a part of tech hovers in the course of recent years. These ideas, alongside intense utilize cases, are changing how we consider money, exchanges and contracts. Simultaneously, they're likewise changing how we consider the protection business. These progressions will affect protection bearers and operators, and how protection is purchased and sold. That implies understanding blockchain and Bitcoin is essential in case you're hoping to win in the cutting edge protection industry. This post has you secured. It gives meanings of blockchain and Bitcoin, at that point separates why this data is critical to protection industry experts. WHAT IS BLOCKCHAIN? WHAT IS BITCOIN? In their book Blockchain Upheaval, Wear and Alex Tapscott clarify that blockchain is "the brilliantly straightforward, progressive convention that enables exchanges to be at the same time mysterious and secure by keeping up a sealed open record of significant worth." The blockchain is intended to store exchange records ("obstructs") in numerous spots, connected to each other (henceforth the "chain" some portion of the name) and straightforward to any client who wishes to see them. Critically, this record can't be changed, so anybody can see a typical and exact rundown of authentic exchanges. Bitcoin is a kind of computerized money that utilizations blockchain innovation. It's not by any means the only one that utilizations blockchain, yet is one of the more prevalent alternatives available. Despite the fact that bitcoin is the most famous cryptographic money upheld by blockchain innovation, other advanced monetary forms, for example, ether and litecoin—utilize blockchain innovation too. All bitcoin exchanges are recorded in a decentralized open record that can't be adjusted. In principle, this is something worth being thankful for on the grounds that it makes trust among all gatherings of the exchange and gives an unmistakable trail of procurement that avoids fake exchanges. This is one manner by which blockchain can possibly change exchanges. However, remember that blockchain does not need to be money related. Ramifications OF BLOCKCHAIN AND BITCOIN FOR THE Protection Business Blockchain applications like cryptocurency, shrewd contracts and decentralized models for protection will change how protection is appropriated. What's more, when you change how protection is disseminated, you significantly modify how existing players profit and test business as usual. Insurance agencies could utilize the blockchain to make a disseminated record that cultivates straightforwardness, successfully tracks cases and exchange history, and gives perceivability into the authenticity of a claim. Brilliant contracts based on the blockchain can balance deceitful claims by recording exchange history on people in general system, which would dismiss different cases for a similar occasion. This could spare the business billions and open up gigantic chances to make huge measures of significant worth for buyers. Cryptocurriencies can make trust amongst safety net providers and their clients could make trust. For example, INGUARD was the principal insurance agency to acknowledge bitcoin installments. We did this since it was the correct activity for our well informed clients—a state of mind very rare in the protection business today. Consider: 40% of protection premiums turn over every year—and 66% of buyers would purchase protection on the web in the event that they could. (What's more, and, after its all said and done, they're scarcely happy with back up plan sites.) Shoppers don't confide in their safety net providers to put their best advantages on the most fundamental level or execute in a reasonable, break even with way. Bitcoin and blockchain innovation, as we would see it, are devices that can possibly carefully ensure customers, as well as reestablish assume that their needs are being met. Innovation appropriation in the protection business ought to dependably make more an incentive for shoppers. It should expel contact from the purchasing procedure and empower a superior client encounter. What's more, its adequacy ought to be estimated by consumer loyalty, not the amount PR or advertising duplicate another framework creates. That doesn't generally happen. In any case, with the focal points blockchain innovation gives, that could begin to change. Also, that will be advance in reality.