भारत को हराने के लिए, ऑस्ट्रेलिया टीम ने 8 साल बाद बुलाया तेज़ गेंदबाज़ पीटर सिडल को

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Credit: Third party image

पीटर सिडल, जिन्होंने आखिरी बार साल 2010 में ऑस्ट्रेलिया के लिए एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला था, ऑस्ट्रेलिया टीम में कई बदलावों के चलते भारत के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए 8 साल बाद वापस बुलाया गया है.

इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गए वनडे श्रृंखला में कंगारू टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा. इंग्लैंड ने कंगारू टीम को 5-0 से हराकर कमर तोड़कर रख दी. वही साउथ अफ्रीका ने भी कंगारू टीम को वनडे सीरीज में 2-1 से हार का सवाद चखाया. ऑस्ट्रेलिया टीम के चयनकर्ता ने 14 सदस्यीय टीम में भारी सुधार करके शुक्रवार 4 जनवरी को घोषणा की.

सिडल के साथ, टेस्ट रेगुलर उस्मान ख्वाजा और नाथन लियोन को टीम में शामिल किया गया है, जबकि झे रिचर्डसन, जेसन बेहरेंडॉर्फ और बिली स्टानलेक, सिडल के साथ मिलकर भारतीय टीम पर धार-धार गेंदबाज़ी से हमला करेंगे.

बल्लेबाज ट्रेविस हेड, क्रिस लिन, डी’आर्सी शॉर्ट और बेन मैकडरमोट और ऑलराउंडर एश्टन एगर को टीम से बाहर किया गया है है जो दक्षिण अफ्रीका से 1-2 से हार गए थे. बात रही मिशेल स्टार्क, जोश हेज़लवुड और पैट कमिंस की तेज़-तर्रार तिकड़ी की तो इन्हें चार मैचों की टेस्ट सीरीज़ के बाद आराम दिया गया है, और नाथन कूल्टर-नाइल को भी टीम में शामिल होने की उम्मीद थी पर अफ़सोस चयनकर्ता ने विश्वास नहीं जताया.

अरोंन फिंच एकदिवसीय टीम के कप्तान बने, एलेक्स केरी और मिचेल मार्श से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद लगाईं है. शॉन मार्श, ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल और मार्कस स्टोइनिस, और लेग स्पिनर एडम ज़म्पा ने अपने स्थान को बनाए रखा है.

एकदिवसीय क्रिकेट में निराशाजनक अवधि के बाद, ऑस्ट्रेलिया टीम के कोचों के साथ-साथ राष्ट्रीय टीम चयन पैनल की भी मुसीबत बढ़ गई है. 2015 का वर्ल्डकप जीतने वाली टीम इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका से बुरी तरह ODI Series हारने के बाद डरी हुई नजर आ रही है, क्योंकि 2019 वर्ल्डकप भी नज़दीक आ चुका है. राष्ट्रीय चयनकर्ता ट्रेवर होन्स ने एक बयान में कहा की वर्ल्डकप के लिए सर्वोत्तम टीम तैयार करनी होगी ताकि एक बार फिर विश्व कप खिताब पर कब्ज़ा कर पाए.

34 वर्षीय सिडल ने 8 साल पहले श्रीलंका में श्रीलंका के खिलाफ अपना 17वा वनडे मैच खेला था. सिडल ने बिग बैश लीग में अच्छा प्रदर्शन किया और इसी का नतीजा है की 8 साल बाद फिर से राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका मिला है.

यह आश्चर्यजनक है कि 2010 के बाद से पहली बार पीटर को टीम में वापस लाया गया है. पीटर ने कुछ समय से टेस्ट क्रिकेट में काफी सुधार किया है और अच्छे प्रदर्शन का इससे बढ़कर और कोई इनाम नहीं हो सकता.

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